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Piles Prevention in Hindi | बवासीर से कैसे बचाव करें

मलाशय और गुदा में जो नसें मौजूद होती है, जिनपर मलत्याग करते वक्त सूजन या तनाव आता है जिसे बवासीर (Piles) कहते है। गुदा और मलाशय में जो Varicose veins है, उनपर दबाव पड़ने पर बवासीर (Piles) होता है। यह मलाशय या गुदा के बाहर की तरफ या अंदर की और हो सकता है। तो आइये जानते है, Piles Prevention in Hindi – बवासीर से कैसे बचाव करें;

piles se kaise bachav kare in hindi

बवासीर (Piles) को रोकने का सबसे अच्छा तरीका मल को नरम रखना है

बवासीर (Piles) को कैसे रोके?

बवासीर (Piles) को रोकने का सबसे अच्छा तरीका मल को नरम रखना है, यानि मलत्याग के दौरान वह आसानी से बाहर आ सके। स्वच्छ और पौष्टिक आहार मल को नरम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए आपको पुरे दिन में 25-30 gm या उससे ज्यादा Fiber के गुण वाले पदार्थ खाने चाहिए।

Fiber के गुण वाले पदार्थ में घुलने वाले और बिना घुलने वाले ऐसे दो प्रकार के फाइबर होते हैं। अगर आप Fiber मिश्रित आहार को अपने खाने में शामिल नहीं कर सकते हैं, तो इसे आहिस्ते आहिस्ते अपनी diet में शामिल करें, क्यो की diet में अचानक Fiber शामिल करने से gas और पेट फूलने की समस्या का सामना कर पड सकता है।

आप बवासीर (Piles) को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं।

लम्बे समय तक Toilet में ना बैठें:

Toilet में बहोत देर बैठें रहने से मल त्यागने में परेशानी हो सकती है। Toilet Sit पर गलत तरीके से बैठने के कारण भी गुदा के इर्द गिर्द की blood vessels पर दबाव पड़ता है। इसी वजह से लम्बे समय तक Toilet में ना बैठें।

शौच करने की इच्छा को नजरअंदाज न करें:

यदि आप शौच करने की की उपेक्षा करते हैं, तो इससे आपका मल कठोर या शुष्क बन सकता हैं। जिसके कारण उसको बाहर आने में मुश्किल होती है और गुदा की स्नायु पर दबाव पड़ता है। इसीके साथ शौच की इच्छा न होने पर आप अनावश्यक जोर नही लगाना चाहिए।

अधिकाधिक पानी पिएं:

अधिकाधिक पानी पिने से मल नरम होने में मदद मिलती है। और उसे बहार आने में कठिनाई नही होती है।

रोजाना Exercise करें:

रोजाना की जाने वाली शारीरिक गतिविधिया से मल त्याग करने में आसानी होती है। इसलिए Exercise को अपने रोजाना की आदतों में शामिल करें। पहले आसान और कम भर वाली Exercise (जैसे, पैदल चलना, jogging, cycling) करें।

हररोज केवल 20 मिनट पैदल चलना भी मल त्याग करने की प्रक्रिया बेहतर बनता है। शुरवाती दौर में अधिक भार वाली Exercise से बचें। और फिर धीरे-धीरे अधिक प्रभावी Exercise करने की आदत को अपनाएं।

Fiber से भरपूर खाद्य पदार्थ खाइए:

अपने रोजाना के आहार में अधिकाधिक मात्रा में Fiber युक्त पदार्थोंको (जैसे, Cereals, हरी-भरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज) शामिल करें। इसके साथ आपको ईसबगोल (Psyllium) जैसे Natural Fiber को भी अपनी diet में शामिल करना चाहिए। किंतु Fiber युक्त पदार्थोंको सीधे अपनी diet मिल न करें क्योंकि इसकी वजह से पेट फूलने की समस्या और गैस भी होती है।

हमेशा active रहे:

अगर आपकी दैनंदिन जीवनशैली में लगातार बैठे रहने वाली job शामिल है, तो ऐसे में लगातार बैठे रहने वाली कार्यप्रणली में थोड़ा बदलाव करें। हर एक घंटे में दो-तीन मिनट का विराम लें या थोड़ा घूम ले।

अगर आपके दफ्तर में lift है तो उसकी की जगह सीढ़ियों का प्रयोग करें। इसके आपको कुछ दूर चलने का अवसर मिलेगा।

(नोट: उपरोक्त सुझाव केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए हैं। अतः इसक उपयोग करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर ले।)

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