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Erectile Dysfunction Myths And Facts in Hindi | इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से संबंधित गलतफहमियां

Erectile dysfunction myths and facts in Hindi- Erectile dysfunction एक ऐसी समस्या है जिसमें पुरुष intercourse के दौरान erection नहीं रख पाते हैं। अपनी life के साथ, यह कई लोगों के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। लेकिन इस समस्या के बारे में कुछ गलत धारणाएं हैं।

Erectile dysfunction myths को लोग सच मानते हैं। और इसीलिए वे इसका इलाज करने से भी डरते हैं। आज हम आपको इस लेख में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बारे में जो मिथक और सच्चाई है उनके बारे विस्तार से बताने जा रहे है…

What is erectile dysfunction in hindi – इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या स्तंभन दोष क्या है?

इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्‍तंभन दोष यह एक लैंगिक बीमारी है। इस बीमारी में पुरुष यौन-क्रिया के दौरान लिंग मे कठोरता बनाये रखने में असमर्थ महसूस करता है।

यह बीमारी युवा वर्ग से लेके सभी उम्र के पुरुषों में होती है। इसका कारण आमतौर पर तनाव, आपसी रिश्ते में कड़वाहट, यौन-क्रिया के दौरान प्रदर्शन की चिंता, depression और चिकित्‍सा जटिलताएं होती हैं।

What is erectile dysfunction in hindi

इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज कई तरीको से किया जा सकता है।

आइये जानते है इरेक्टाइल डिसफंक्शन से जुड़े कुछ मिथ और तथ्य….

Myths and Facts about Erectile Dysfunction in Hindi

मिथ : इरेक्टाइल डिसफंक्शन समस्या केवल बुजुर्गों को होती है।

तथ्य: ऐसा बिलकुल नहीं है। यह सच है की बढ़ती उम्र के साथ इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन समस्याएं होती हैं। लेकिन ऐसा हरगिज नहीं है कि ये समस्या केवल उम्र बढ़ने पर या बुजुर्ग पुरुषोंमें होती है। युवा वर्ग भी इसका शिकार होता है। और अक्सर ऐसा होता है कि कई पुरुष बड़े होने पर भी अपनी यौन life को एन्जॉय करते रहते हैं।

​मिथ : इरेक्टाइल डिसफंक्शनसे सेक्स लाइफ खत्म होती है।

तथ्य: यह एक बड़ी गलत धारणा है। यदि किसी व्यक्ति को इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष है, तो वह डॉक्टर की सलाह पर कुछ दवा ले सकता है। इससे आपको इस समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है। कुछ उपचारों से भी erectile dysfunction की समस्या को दूर किया जा सकता है।

मिथ : तंग अंडरवियर से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है।

तथ्य: एक धारणा यह भी है कि टाइट अंडरवियर पहनने वाले पुरुषों को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन यह सच नहीं है। बहुत तंग अंडरवियर पहनने से प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

मिथ : इरेक्टाइल डिस्फंक्शन केवल पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में समस्या।

तथ्य: ऐसा बिलकुल नहीं है। कुछ लोग एक ही गलती करते हैं। लेकिन वास्तव में, इरेक्शन इस तथ्य की ओर इशारा करता है कि पुरुष जननांगों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी कुछ समस्या हो सकती है। इसलिए, समय बर्बाद किए बिना, आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

मिथ: इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज नहीं कर सकते।

तथ्य: इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज कई तरीको से किया जा सकता है। इसके इलाज के लिए कई तहर की प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज के लिए अलोपॅथी, होमियोपैथी और आयुर्वेद में कारगर उपाय दिए गए है। इन उपायों में में इंजेक्शन, मूत्रमार्ग या लिंग के ऊतकों में रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करना, वैक्‍यूम पंप द्वारा लिंग को रक्त देना आदि शमिल है।

मिथ : सिगरेट पीने से प्राइवेट पार्ट को कोई हानि नहीं होती।

तथ्य: यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। आपकी विभिन्न आदतों के साथ, धूम्रपान आपके private part पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। सिगरेट धूम्रपान मेल प्राइवेट पार्ट की रक्त वाहिका (नसों) को नष्ट कर देता है। इसके कारण, उस क्षेत्र में रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं होता है और इससे लिंग में इरेक्शन नहीं होता है।

(नोट: उपरोक्त सुझाव केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए हैं। अतः इसक उपयोग करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर ले।)

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